कोरोना संकट से कैसे उबरे जैन समुदाय ?

                     कोरोना संकट से कैसे उबरे जैन समुदाय ?

              चीन से शुरू हुई कोरोना महामारी , पिछले  चार  महीनों  से विश्व  में तबाही मचा रही है ! दुनिया भर में  200  देशों में अभी तक लगभग  2.70  लाख लोगो की मृत्यु हो गयी है और 40  लाख से अधिक लोग इस वायरस से प्रभावित है ! अमेरिका इटली,स्पेन,फ्रांस,जर्मनी, इंग्लैंड जैसे विकसित देश भी इस अदृश्य दुश्मन  पर काबू पाने में अपने आप को असहाय महसूस कर रहे है !

        भारत  भी कोरोना संकट के नाज़ुक दौर से गुज़र रहा है ,कोरोना से मरने वाले लोगो की संख्या लगातार बढ़ रही है ! देश की 130 करोड़ की आबादी , लॉकडाउन  के चलते  घरों में रहने पर मज़बूर है ! स्कूल बंद है, कारखाने बंद है , यातायात बंद है , दुकानें बंद है !  विश्व के साथ साथ ,भारत की अर्थव्यवस्था भी सदी की सबसे बड़ी मंदी की ओर बढ़ रही है ! कोरोना  संकट ने, भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले ,जैन समुदाय  के सामने भी कई  तरह के प्रश्न चिन्ह ख़ड़े कर दिए है !

जैन समुदाय ,भारत का एक ऐसा समुदाय है :
  • जो अपने सात्विक आहार, सात्विक विचार,शांतिपूर्ण व्यवहार, धार्मिक संस्कार, नैतिकता, ईमानदारी,मेहनत,अहिंसा, सहिष्णुता, जीवन मूल्यों  और अनेकांतवाद के आचरण के लिए जाना जाता है !
  • जो भारत की  जनसँख्या का 0.5% से कम होने के बावजूद  25% से अधिक का इनकम टैक्स देश के राजकोष में दे रहा है !( Unconfirmed sources)
  • जिसकी कुल साक्षरता दर देश में सबसे अधिक 94% है और महिलाओँ की साक्षरता दर 90% से ऊपर है  और देश में सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय है !
  • जिसने विश्व के 60% से अधिक के हीरा व्यापार पर अपना अधिपत्य  जमा रखा है !
  • जिसमे दानवीर भामाशाह ( महाराणा प्रताप के सलाहकार  ), जगत सेठ (बंगाल के नवाब के खजांची ) , सेठ लक्ष्मीचंद जैन ( बैंकर,ओपियम किंग, जिन्होंने ताजमहल को नीलामी में ख़रीदा था ),   डॉ. विक्रम साराभाई (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन -के संस्थापक ) ,कस्तूरभाई लालभाई (आईआईएम ,अहमदाबाद के सह-संस्थापक, सेठ वालचंद हीराचंद ( भारत पहले  हवाई जहाज़, मोटर कार और समुद्री जहाज़ बनाने वाले वालचंद ग्रुप के संस्थापक  ), सेठ हुकूम चंद कासलीवाल -जैन (बैंकर एवं  कॉटन प्रिंस ऑफ़ इंडिया  ), प्रेमचंद रॉयचंद जैन (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के संस्थापक),वीरचंद राघव जी गाँधी ( प्रथम विश्व धर्म संसद, शिकागो में जैन धर्म के प्रतिनिधि ),  श्रीमद राजचन्द्र ( महात्मा गाँधी के आध्यात्मिक मार्गदर्शक ), श्री लक्ष्मीमल सिंघवी  (भारत के पूर्व इंग्लैंड में पूर्व राजनयिक  एवं पदम् भूषण विजेता ), साहू शांतिप्रसाद जैन ( संस्थापक – भारतीय ज्ञानपीठ पुरूष्कार  एवं टाइम्स ऑफ़ इंडिया ग्रुप ),  जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया और देश की आर्थिक, सामाजिक, आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और शैक्षणिक  क्षेत्र  महत्वपूर्ण योगदान दिया !
  • जिसमे श्री  दिलीप संघवी ( सन फार्मा – भारत की सबसे बड़ी फार्मासूटिकल कंपनी ),श्री राजेश मेहता ( राजेश एक्सपोर्ट्स, भारत की बड़ी गोल्ड कंपनी ), श्री पृथ्वीराज कोठारी (रिद्धि – सिद्धी बुलियंस लिमिटेड , भारत की  सबसे बड़ी बुलियन कंपनी ), श्री रसेल मेहता ( रोज़ी ब्लू, डायमंड की सबसे बड़ी कंपनी ), श्री विनीत कुमार जैन ( टाइम्स  ग्रुप, सबसे बड़ा मीडिया समूह ), श्री मंगल प्रभात लोढ़ा ( लोढ़ा ग्रुप,सबसे बड़ा रियल एस्टेट ग्रुप ), श्री राकेश गंगवाल (इंडिगो एयरलाइन्स,सबसे बड़ी एयरलाइन्स ), श्री जिग्नेश शाह ( एमसीडेक्स,सबसे बड़ा कमोडिटी एक्सचेंज ), श्री गौतम अडानी (अडानी पोर्ट्स एवं अडानी पावर- सबसे बड़ी पोर्ट एवं पावर कंपनी ),श्री भंवरलाल जैन (जैन इरीगेशन, सबसे बड़ी इरीगेशन कंपनी ), श्री नरेंद्र पाटनी (पाटनी कम्प्यूटर्स, आईटी सेक्टर के अग्रणी ), श्री मोतीलाल ओसवाल ( मोतीलाल ओसवाल ग्रुप,फाइनेंसियल  सर्विसेज में अग्रणी ), श्री अशोक कटारिया ( अशोका बिल्डकॉन,अग्रणी  हाईवे डेवेलपर्स ), श्री प्रकाश संघवी ( रत्नमणि मेटल्स एवं ट्यूब्स , अग्रणी मेटल ट्यूब उत्पादक ), श्री संजय घोड़ावत ( घोड़ावत ग्रुप, नमक से एयरलाइन्स तक का बिज़नेस समूह ) , श्री मधुकर पारेख  ( पिडिलाइट इंडस्ट्रीज , अग्रणी  एडहेसिव और सीलेंट  कंपनी ), श्री गुलाब कोठारी ( राजस्थान पत्रिका – अग्रणी हिंदी समाचार समूह ),जैसे उद्योगपतियों ने अपने बुद्धि कौशल, व्यापारिक समझबुझ,कठिन परिश्रम  एवं  नेतृत्व क्षमता से व्यापार  और उद्योग जगत में अपना नाम स्थापित किया !
  • जो भारत के लगभग  3  करोड़ लोगो को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रोज़गार प्रदान कर रहा है !
  • जो भारत के  मुख्यतः  5 राज्यों  राजस्थान , मध्यप्रदेश , गुजरात , महाराष्ट्र,और कर्नाटक  में  निवास करते है !
Photo Courtesy : Outlook Magazine 
       जैन समुदाय के लगभग 70% परिवार, व्यापार और उद्योग धंधो में संलग्न है और कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण इस समुदाय के लोगो के लिए भी ,आने वाला समय  बहुत ही चुनौतीपूर्ण रहने की संभावना है ! जैन समुदाय के परंपरागत  बिज़नेस जैसे  जेम्स एवं ज्वेलरी , डायमंड कटिंग / पॉलिशिंग , कपडा / साडी , रियल एस्टेट,  ऑटोमोबाइल आदि सेक्टर्स बुरी तरह प्रभावित होंगे और निकट भविष्य में  इन सेक्टर्स में तेज़ी आने की सम्भावना कम है ! 
जैन समुदाय के लिए  के लिए मेरे 5 सुझाव है, शायद कोरोना संकट में उपयोगी और प्रासंगिक  हो !
1 . जैन बैंक की स्थापना :  

                      कोरोना संकट से कई जैन परिवारों पर आर्थिक दबाव रहने की आशंका है !कोरोना के चलते कई  बिज़नेस सेक्टर्स में मांग बिलकुल ख़त्म हो चुकी है ! बहुत बड़ी संख्या में जैन व्यापारी, बिज़नेस नहीं होने के कारण कर्मचारियों के तनख्वाह, बिज़ली के बिल ,बैंक के ब्याज, दुकान के किराये और घर का खर्च चलाने में असर्थता महसूस कर रहे है ! कठिन नियमों के कारण सरकारी बैंको से बिज़नेस के  लिए लोन मिलना भी आसान नहीं होगा ! इस परिस्तिथि से उबरने के लिए जैनो को दाऊदी बोहरा समाज ( करीब  20 लाख  का यह शांतिप्रिय  और संपन्न ,समाज अपनी उद्यमिता, आधुनिक सोच और आपसी भाई चारे के लिए जाना जाता है !) से सीखकर,देश के प्रमुख शहरों में जैन बैंक की स्थापना करनी चाहिए ! इस बैंक के माध्यम से उन छोटे व्यापारियों और उद्योग धंधे को बिना ब्याज के लोन दिया जाना चाहिए जिनका बिज़नेस कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा  प्रभावित हुआ है ! इस बैंक की स्थापना में बड़े मंदिरो के ट्रस्टी, जैन दानदाताओं , और जीतो ( जैन इंटरनेशनल ट्रेड आर्गेनाइजेशन ) जैसी संस्था से सहायता ली जा सकती है ! अगले 2 सालों के लिए जैन मंदिरो और धर्मशालाओं का निर्माण कार्य रोककर उस धनराशि का उपयोग भी बैंक के लिए किया जा सकता है! अगर  इंसान की जान और माल सुरक्षित रहेगा तो,भव्य मंदिर और धर्मशालाएँ बनाने के  आगे कई अवसर आएंगे!

          समाज के स्वच्छ छवि और अनुभवी, बिज़नेस लीडर्स,  मंदिर के  ट्रस्टी,  बैंकर्स और चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को लेकर 11 सदस्यीय कमिटी का  गठन करके लोन किसे और कितना दिया जाये इसकी पात्रता निर्धारित की जा सकती है ! बैंक  और उसकी कार्यप्रणाली को स्थापित करने का काम इतना आसान नहीं होगा फिर भी कहीं  से तो इसकी शुरूवात  करनी होगी, और शायद अभी का समय इस काम के लिए  सबसे उपयुक्त है ! जैन समाज के प्रबुद्ध- जन इस बारे में रणनीति बना सकते है !
2. जैन अल्पसंख्यक के अधिकार एवं लाभ  :

     मुस्लिम, बौद्ध , सिक्ख , पारसी, ईसाई के अलावा सन  2014 में नेशनल माइनॉरिटी कमीशन ने जैन धर्म को भी अल्पसंख्यक घोषित किया !अल्पसंख्यक शब्द का नाम आते है, लोगो के जेहन में एक विशेष समुदाय का नाम आता है, जो शायद अल्पसंख्यकों को मिलने वाली योजनाओं का सबसे ज्यादा  फायदा उठा रहे है !भारत में जैनो की  प्रति व्यक्ति आय सबसे ज्यादा होने के बावजूद, लगभग 25% जैन  परिवार ग़रीबी रेखा के नीचे अपना जीवन यापन कर रहे है, सभी जैन परिवार संपन्न  और समृद्ध है, ऐसी गलत धारणा बनी हुई है  मुंबई के धारावी जैसे इलाके में 1100 से ऊपर जैन परिवार रहने पर मज़बूर है ,कर्नाटक में ऐसी कई परिवार है जो खेतों में मजदूरी करके अपना जीवन यापन  कर रहे है ! सरकार द्वारा दिए जाने वाली सहायता और योजनाओं का लाभ उचित जानकारी और मार्गदर्शन के अभाव में जैन परिवारों को लाभ नहीं मिल रहा है ! श्री ललितजी गाँधी के  नेतृत्व में ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन अपने सेमिनारों और व्याख्यानों के माध्यम से समाज को जागरूक करने के प्रयास कर रहे है लेकिन दुर्भाग्य से  अभी भी जागरूकता की कमी है !

               सरकार ने अल्पसंख्यको को विशेष रूप  से संवैधानिक,शैक्षणिक और धार्मिक अधिकार दिए है ! कोरोना संकट में जरूरतमंद जैन परिवारों को, अल्पसंख्यक को मिलने वाली योजनाओं  जैसे छात्रवती , शिक्षा के लिए लोन , बिज़नेस के लिए लोन, महिला उद्यमी के लिए विशेष लोन का फायदा उठाना चाहिए ! उल्लेखनीय है की इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए ,आपको जैन होने और वार्षिक  आय का स्व- घोषित प्रमाण-पत्र और एप्लीकेशन भर के देने की जरूरत है ! छोटे शहरो और गाँवो में  इसका ज्यादा से ज्यादा इसका प्रचार  होगा, तो  समाज के जरूरतमंद लोगो को इसका फायदा होगा और वो मुख्य धारा में जुड़ने में सफल होंगे !

अल्पसंख्यक के लाभ और अधिकार विषय पर श्री  ललित गाँधी का वीडियो देख सकते है :

3. व्यापार में निर्यात की संभावनाएं :   

            भारत में शादी और त्यौहार दो ऐसे अवसर,  जिनपर सबसे ज्यादा खरीददारी की जाती है ! कोरोना के चलते आने वाले समय में शादी और त्योहारों पर होने वाले आयोजनों पर  बहुत हद तक अंकुश लगेगा और भारत में उत्पादों की होने वाली खपत में गिरावट आएगी ! देश में बड़ी संख्या में उद्योग धंधो के बंद होने और नौकरियों में छंटनी होने के कारण भी आने वाले समय में भी मांग में कमी रहेगी ! इसकी भरपाई करने के लिए व्यापारियों और उद्योगपतियों को निर्यात के क्षेत्र में सम्भावनायें तलाशनी होगी ! सही जानकारी और मार्गदर्शन के अभाव के कारण, वर्तमान समय  में बहुत ही कम जैन व्यापारी , निर्यात के क्षेत्र में अपना बिज़नेस कर रहें है !

          कोरोना महामारी फैलाने में चीन की भूमिका संदेहपूर्ण रही है और विश्व के तमाम देशों ने,चीन से व्यापारिक सम्बन्ध तोड़ने का फैसला कर लिया है ! जापान और अमेरिका जैसे देशों  ने चीन से अपनी कंपनिया हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ! दुनिया के  राजनैतिक और आर्थिक  वातावरण में बहुत तेजी से परिवर्तन हो रहा है ! भारत से चिकित्सा उपकरण ( Medical Equipments ), हार्डवेयर के सामान ( Hardware ),  इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स (Electrical &  Electronics Parts), मशीनों के कलपुर्जे  (Machine Parts ),  खाद्य पदार्थ जैसे मसाले ( Spices ), आर्गेनिक फ़ूड ( Organic Food ), औषधीय पौधे ( Herbs ), कपडे ( Textile ) और दूसरे उत्पादों के  एक्सपोर्ट मार्केट की नये सिरे से रिसर्च करने पड़ेगी ! 

4बिज़नेस में जैन महिलाओ के लिए अवसर : 
                                  पारम्परिक रूप से जैन परिवारों का पारिवारिक ताना बाना कुछ इस तरह से है की ,महिलाओं  को  नौकरी या व्यापार करने को प्रेरित नहीं किया जाता है ! समाज की कई पढ़ी लिखी और प्रतिभाशाली महिलाएं उचित मार्गदर्शन और प्रेरणा के अभाव में चाहते हुए भी ,कुछ करने में असमर्थ है ! टेक्नोलॉजी और संचार माध्यमों के विकास के कारण पिछले 10 वर्षों में कई ऐसे बिज़नेस और कमाई के साधन उपलब्ध हुए है जिन्हे घर के सुरक्षित वातावरण में बैठकर महिलाएं  आसानी से कर सकती है ! कोरोना संकट  से उत्पन्न  हुई ,नहीं परिस्तिथियों ने  भी बिज़नेस  में कई और नयी संभावनाओं ने जन्म दिया  है ! कुछ ऐसे बिज़नेस जो महिलाये आसानी से  कर सकती है वह इस प्रकार से है :

  • ऑनलाइन टीचिंग एवं कोचिंग  क्लासेस ( Online Teaching and Coaching Classes)
  • ऑनलाइन योग, प्राणायाम और ध्यान की क्लासेज ( Online Yoga, Pranayam and Meditation Classes)
  • मैरिज काउंसलिंग और मैट्रिमोनियल सर्विसेज (Marriage counseling & Matrimonial Services)
  • यूटुब चैनल और ब्लॉग राइटिंग ( Youtube Channel & Blog Writing )                                           (यदि आप राजनीतीधर्म, दर्शन, इतिहासखेलकूदबिज़नेसटेक्नोलॉजी , इलेक्ट्रॉनिक्सकुकिंग , योगविज्ञानमैनेजमेंटटूरिज्म, आदि विषयो की जानकारी है तो आप अपना यूट्यूब पर चैनल बनाकर या ब्लॉग लिखकर अपना करियर बना सकते है !)
  • अमेज़ॉन और फ्लिपकार्ट पर व्यापार ( Online Business on Amazon and Flipkart )
  • खाद्य पदार्थो को बनाना एवं ऑनलाइन सप्लाई ( Home Cooked Food and Online delivery) 
                        सीखने की कोई उम्र नहीं, कैसे 94 साल की दादीजी, ऑर्गनिक बेसन की चक्की को ऑनलाइन बेचकर अपना ब्रांड का सिक्का जमा रही है  इन  प्रेरणादायी दादीजी का वीडियो देखिये :


    
  • डिजिटल एवं सोशल मीडिया मार्केटिंग ( Digital and Social Media Marketing)
  • कंटेंट राइटिंग,फोटो शॉप, वीडियो एडिटिंग, ग्राफ़िक डिज़ाइनिंग  सर्विसेज (Content writing,Photo Shop,Video Editing, Graphic Designing  )


                                            Photo courtesy : Nordic Media 
5.  व्यापार में तकनीक  का समावेश : 

              कोरोना वायरस के कारण लोगों की खरीददारी करने के तरीके में कई बदलाव देखने को मिलेंगे ! ग्राहक, भीड़भाड़ वाली दुकानों पर  जाने से कतराएंगे और ऑनलाइन ही शॉपिंग करना पसंद करेंगे ! यदि आपने अपने परंपरागत बिज़नेस में, चाहे वो किराना हो , कपडे का हो, इलेक्ट्रॉनिक्स का हो, कार की डीलरशिप हो  या ज्वेलरी का हो, टेक्नोलॉजी और डिजिटल का उपयोग नहीं किया तो यकीन मानिये , आपका बिज़नेस में सफल होना मुश्किल होगा ! मेट्रो शहरो में ही नहीं, छोटे शहरो में भी ऑनलाइन शॉपिंग का चलन तेजी से बढ़ेगा ! व्यापारियों को फिजिकल और डिजिटल  ( फिज़िटल ) के हाइब्रिड बिज़नेस मॉडल , यानी ऑफलाइन और ऑनलाइन  को अपनाना पड़ेगा! डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने बिज़नेस का प्रचार करना पड़ेगा !

    कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने देश के असंगठित खुदरा व्यापारियों को एक डिजिटल  प्लेटफार्म देने के लिए “भारत मार्केट ”  के नाम से ई -कॉमर्स पोर्टल लांच किया है ! इस महत्वाकांक्षी योजना  में पूरे देश के लगभग करोड़ व्यापारियों  को जोड़ने की योजना है ! जैन व्यापारियों को  भी इस पोर्टल से जुड़कर फ़ायदा उठाना चाहिए !

अखिल भारतीय व्यापारी संघ ( CAIT ) लॉन्च करेगा भारतमार्केट

      आने वाला कल हमें आर्थिक चुनौतियों के दौर में ले जाने वाला है। याद रखें कि ये हालात, हमारी वजह से नहीं आए हैं.. ख़ुद को दोष न दें..हारा हुआ महसूस नहीं करे ! रास्ता लम्बा और कठिन  जरूर है , लेकिन हिम्मत न हारें ! जिंदगी परिवर्तनों से ही बनी है, किसी भी परिवर्तन से घबराएं नहीं बल्कि उसे स्वीकार करें! कुछ परिवर्तन हमें सफलता दिलाएंगे तो कुछ सफल होने के गुण सिखाएंगें!!
      बस यूँ समझिए कि हम साँपसीढ़ी खेल रहे थे, 99 पर साँप ने काट लिया है, लेकिन हम गेम से बाहर नहीं हुए हैं। वापस जीरो से शुरुआत होगी और कोई नयी सीढ़ी 100 पर ले जाकर सफलता दिलाएगी !

 नीचे दिए गए वीडियो  को क्लिक करे और 2 सेल्समेन की प्रेरणादायक कहानी सुनें !

जय जिनेन्द्र , जय भारत !

मैनेजमेंट मंत्र : जैन समाज को कोरोना की इस संकट की घडी में लीक से हटकर  समाज के हित  में कुछ फैसले लेने होंगे ! समाज के आर्थिक , धार्मिक और सामाजिक संरचना को बचाना जरूरी है !

नितेश कटारिया , ब्लॉग राइटर, मोटिवेशनल स्पीकर एवं मार्केटिंग प्रोफेशनल है और पुणे में रहते है ! ये 9822912811 और niteshk3@yahoo.com

14 thoughts on “कोरोना संकट से कैसे उबरे जैन समुदाय ?

  1. मुझे बहुत खुशी हुई कि आपने जैन समाज के प्रत्येक व्यक्ति को संकट से उबारने के लिए बहुत ही बेहतरीन तरीके से समझाया एवं सुझाव दिए ,इसके लिए आपका तहदिल से शुक्रिया… शुक्रिया … शुक्रिया

    Like

  2. आपको सुझाव अच्छे लगे, इसके लिए धन्यवाद, इस संकट से निकलने के लिए सबको साथ मे आना होगा, नही तो अस्तित्व खतरे में है।

    Like

  3. जैन समाज के लिए आप द्वारा लिखा शानदार ब्लॉग निश्चित ही कोरोना से एक नयी राह दिखाएगा ।शानदार बहुत सुंदर।🙏आर सी मेहता,समाज सेवी

    Like

  4. Excellent. One suggestion Jain professionals related to IT and Computer Science try to develop an App similar to Zomato, Swiggy, Uber or Ola etc. only for Jain community so that they can sale home made food products, lunch, dinner etc. by using this app. Slowly in this app other modules can be added for sale of other products of Jain community.

    Like

  5. काफी प्रेरणादायक और सकारात्मक लेख है। आपने इस बुरे परिदृश्य में जैन समुदाय में आशा की किरण जगाई, इस हरतु धन्यवाद।

    Like

  6. काफी प्रेरणादायक और सकारात्मक लेख है। आपने इस बुरे परिदृश्य में जैन समुदाय में आशा की किरण जगाई, इस हरतु धन्यवाद। – शलभ जैन

    Like

  7. नीतीश भाई बहुत ही बढ़िया समीचीन और प्रेरक ब्लॉग लिखा है

    Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s